Tarun Sagar Top 10 Quotes in Hindi and English | Suvichar

Tarun Sagar Top 10 Quotes in Hindi and English

Tarun Sagar Top 10 Quotes in Hindi and English: Hello Friends Welcome to our website toptrendnow.com. There is sad news for all followers of Tarun Sagar Ji Maharaj. Muni Tarun Sagar Ji passed away on 1 September 2018 due to prolonged illness. He was admitted in the hospital before few days. Tarun Sagar Ji was one of the most popular Jain monks. His teaching to his followers popularly known as kadve pravachan or Katu Pravchan. Here We have collected Tarun Sagar Top 10 Quotes in Hindi and English.

Tarun Sagar Ji Maharaj was born on 26 June 1967. He became famous and got the image as a prominent Jain Monk when he appeared on Television in Mahavira Vani which was initiated by GTV. He travelled across India and delivered speeches. Below we have provided the best collection of Tarun Sagar Maharaj Quotes in Hindi as well as in English.

Tarun Sagar Top 10 Quotes in Hindi

“अमीर होने के बाद भी यदि लालच और पैसों का मोह है, तो उससे बड़ा गरीब और कोई नहीं हो सकता है। प्रत्येक व्यक्ति ‘लाभ’ की कामना करता है, लेकिन उसका विपरीत शब्द अर्थात ‘भला’ करने से दूर भागता है!”

 

“सच्ची नींद और सच्चा स्वाद चाहिए तो पसीना बहाना मत भूलिए, बिना पसीना की कमाई पाप की कमाई हैं!”

 

“दुसरों के भरोसे जिंदगी जीने वाले लोग हमेशा दुखी रहते हैं, इसलिए अगर हम जीवन सुखी होना चाहते हैं, तो हमें आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करनी चाहिए!”

 

भगवान के सामने दीप जलाओ तो इस बात का अहंकार मत करना कि मैंने दीप जलाया। अरे! तुम क्या दिल जलाओगे? भगवान के समक्ष कुदरती दो दीप जलता हैं। दिन में सूरज जलता है और रात में चंद्रमा जलता है। तुम्हारा दीप सूरज और चांद का मुकाबला तो नहीं कर सकता! तो फिर अहंकार क्यों? बस इतना ही विचार करना है कि हे प्रभु! मैं नदी के जल से सागर को पूज रहा हूं, दीप से सूरज की आरती कर रहा हूं। हे प्रभु! तेरा ही  तुझको अर्पण कर रहा हूं।

 

माता पिता होने के नाते आप अपने बच्चों को खूब पढ़ाना लिखना और पढ़ा लिखा कर खूब लायक बनाना, मगर ये ध्यान रहे की इतना लायक भी मत बनाना की वह कल तुम्हे नालायक समझने लगे!”

 

पुत्र तुम्हारी सेवा करें तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। वह तो करेगा ही क्योंकि वह आखिर तुम्हारा ही खून है लेकिन यदि पुत्रवधू सेवा करें तो यह आश्चर्य है। वह खून तो दूर खानदान तक का भी नहीं है… फिर भी सेवा कर रही है तो निश्चित ही यह तुम्हारे किसी जन्म का पुण्य फल है। आज के समय में और सब तरह के पुण्य भोगना बहुत सारे लोगों की किस्मत में है लेकिन पुत्र और पुत्र वधू की सेवा के पुण्य को भोगना विरले ही मां-बाप के भाग्य में है।

 

“संघर्ष के बिना मिली सफलता को संभालना बड़ा मुश्किल होता हैं!”

 

अपने अंडर इन्सान को सहनशक्ती पैदा करणी चाहिये । क्योंकी जो सहता है वही रहता है ।

जो नाही सहता वो तूट जाता है ।

“परम्पराओं और कुप्रथाओं में बारीक़ फर्क होता हैं!”

 

अगर आप बाप हैं तो आपका अपने बेटे के प्रति बस एक ही फर्ज है कि आप अपने बेटे को इतना योग्य बना दें कि वह संत मुनि और विद्वानों की सभा में सबसे आगे की पंक्ति में बैठने का हकदार बने और अगर आप बेटे हैं, तो आपका अपने बाप के प्रति बस यही एक कर्तव्य है कि आप ऐसा आदर्श में जीवन जिए। जिसे देखकर दुनिया तुम्हारे बाप से पूछे कि किस तपस्या और पुण्य के फल से तुम्हें ऐसा होनहार बेटा मिला है?

 

Tarun Sagar Top 10 Quotes in English

Even after being rich, if there is a temptation of greed and money, 
then there can be no more poor and no one else.
Everyone wishes 'Labh', but his future runs away from the opposite word that is 'Bhala'


If you want true sleep and true taste then do not forget to sweat, 
earning without sweating is earning of sin.

"People living on the trust of others are always happy, so if we want to be happy in life, 
then we should try to be self-sufficient!"

Burn the lamp in front of God, then do not ego the thing that I lit the lamp. 
Hey! Will you burn your heart? In front of God, both the lamp burns. 
The sun burns during the day and the moon burns at night.
Your lamp can not match sun and moon! Then why ego? 
All that is to think is that Lord! I am worshiping the sea with the water of the river,
I am doing the aarti of the sun from the lamp. Oh God! I am offering you only.


"Being a parent, you teach your children a lot and write them down and write them well, 
but keep in mind that do not even think so worthwhile that they started treating you as worthless!"

It is not surprising if the son serves you. He will do it only because he is your blood only, 
but it is a wonder if a daughter-in-law is in service. That blood is not even far off to the family, 
even if it is still serving, then surely it is the virtuous fruit of any of your births. 
In today's world, all other pleasures are in the fate of many people,
but to enjoy the virtue of serving the son and son bride is rarely in the destiny of parents.

"It's hard to handle success without conflict!"


"Your underworld should create endurance. Because the one who suffers remains the same.
Who does not tolerate that deficit.'"

"There is a slight difference between traditions and mischief!"






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